दिशा शूल Direction Guideline

दिशा शूल 

आप कोई भी यात्रा पे निकलते है तो अधिकांश लोग मुहूर्त शुभ दिशा पंचक इत्यादि देखते है।पंडितजी से पंचांग में ग्रह नक्षत्र देखते है । वर्षों से निम्नलिखित पंक्तियाँ यात्रा के लिए महत्वपूर्ण है 

सोम शनिचर पूरब न चालू । मंगल बुध उत्तर दिसि कालू।।

रवि शुक्र जो पश्चिम जय । हानि होए पथ सुख नही पाय।। 

बिफ़े दखिन करे पयाना। फिर नही समझे ताको आना । 

सोम , शनि को पूर्व में मंगल और बुध को उत्तर दिशा में यात्रा नही करनी चाहिए 

रवि और शुक्र के दिन पश्चिम नही जाना चाहिए 

गुरुवार के दिन दक्षिण दिशा यात्रा करने से बचे 

Comments

Popular posts from this blog

वरदराज की कहानी | Varadraj ki kahani

What is Veda ? How many parts of Veda ?

Bhubaneswar-Puri-Konark Tourist