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Showing posts from March, 2026

दूध व्यवसाय Milk Business Small Investment and Big Profit

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आइए देखते है दूध व्यवसाय लाभप्रद है या केवल परिश्रम बिक्री का तरीका: सरकारी डेयरी (₹35-40/लीटर) के मुकाबले अगर आप सीधा ग्राहकों को (₹60-70/लीटर) दूध बेचते हैं, तो लाभ काफी ज्यादा होगा। उत्पाद विविधता (Value Addition): सिर्फ कच्चा दूध बेचने के बजाय दही, घी, पनीर, और पेड़ा बनाकर बेचने से मुनाफा दोगुना हो सकता है। पशुओं की संख्या: 10 गायों के साथ आप लगभग ₹60,000-₹70,000 मासिक (खर्च निकालकर) कमा सकते हैं। अतिरिक्त आय: गोबर और गोमूत्र की बिक्री से भी हर महीने कुछ अतिरिक्त कमाई हो सकती है। अनुमानित कमाई (10 गायों के साथ): कुल दूध उत्पादन: 100 लीटर/दिन। बिक्री मूल्य: ₹60/लीटर। दैनिक आय: ₹6,000। मासिक आय: ₹1,80,000। खर्च: चारा, श्रम, और बिजली का खर्च (लगभग 50-60%)। शुद्ध लाभ: लगभग ₹80,000 - ₹90,000 प्रति माह।  लाभ बढ़ाने के टिप्स: अच्छी नस्ल: साहिवाल या एचएफ (HF) जैसी अधिक दूध देने वाली गायें रखें। डायरेक्ट मार्केटिंग: ग्राहकों तक सीधे पहुँचें। सरकारी योजनाएं: नाबार्ड (NABARD) , MSME जैसी संस्थाओं से सब्सिडी का लाभ उठाएं। स्वच्छता: दूध की गुणवत्ता अच्छी होने से ग्राहक ज्यादा मिलते हैं।...

संकल्प मंत्र Sankalp Mantra

किसी भी पूजा में हमे पहले संकल्प करना चाहिए  संकल्प क्या है  ये हम जिस स्थान पे है उस समय , स्थान,ऋतु , और दिशा को साक्षी मानकर ये संकल्प करते है कि हम जो कार्य कर रहे है वो सफल हो और उसका उत्तम फल हमे प्राप्त हो  हाथ  में अक्षत , जल, फूल, पैसा लेके मंत्र बोलें  ॐ विष्णु र्विष्णु र्विष्णुः। श्रीमद भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया  पर्वतमानस्य अद्य श्री ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय परार्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे  वैवस्वतमन्वन्तरे, अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे  बौद्धावतारे भूलोर्के जम्बूद्वीपे भरतखण्डे भारतवर्षे पुण्य झारखंड  क्षेत्रे, धनबाद ग्राम (गोत्र का नाम लें) गोत्रोत्पन्नोऽहं (अपना  नाम लें) विक्रम संवत 2083 शक संवत 1948 संवत्सरे मासमों  उत्तम मासे चैत्र मासे  शुक्लपक्षे नवमी तिथौ शुक्र वासरे ,वसंत ऋतु , सूर्य उतरहन चंद्र  दक्षिणायन वशिष्ट गोत्रः अशोक पाण्डेय शर्मा  प्रातः सकलपापक्षयपूर्वकं सर्वारिष्ट शांतिनिमित्तं मनोकामना  सिद्धि अर्थं महावीर ध्वजारोहण , हनुमान पूजन अहं करिष्ये।"  फूल, चल, अक्षत और पै...

विद्या विवादाय धनं मदाय Sanskrit Shlok

  विद्या विवादाय धनं मदाय शक्तिः परेषां परिपीडनाय । खलस्य साधोर्विपरीतमेतत् ज्ञानाय दानाय च रक्षणाय । इस शलोक में यह बताया गया है कि दुष्टों के लिए विद्या विवाद के लिए, धन घमंड करने के लिए ओर शक्ति दूसरो को परेशान करने के लिए होती हैं इसके विपरित साधुओं के लिए विद्या ज्ञान के लिए, धन दान के लिए और शक्ति दूसरो की रक्षा करने के लिए होती हैं। #shlok #shloka #sanskritsholk