संकल्प मंत्र Sankalp Mantra

किसी भी पूजा में हमे पहले संकल्प करना चाहिए 

संकल्प क्या है 

ये हम जिस स्थान पे है उस समय , स्थान,ऋतु , और दिशा को साक्षी मानकर ये संकल्प करते है कि हम जो कार्य कर रहे है वो सफल हो और उसका उत्तम फल हमे प्राप्त हो 


हाथ  में अक्षत , जल, फूल, पैसा लेके मंत्र बोलें 

ॐ विष्णु र्विष्णु र्विष्णुः। श्रीमद भगवतो महापुरुषस्य विष्णोराज्ञया 

पर्वतमानस्य अद्य श्री ब्रह्मणोऽह्नि द्वितीय परार्धे श्री श्वेतवाराहकल्पे 

वैवस्वतमन्वन्तरे, अष्टाविंशतितमे कलियुगे, कलिप्रथम चरणे 

बौद्धावतारे भूलोर्के जम्बूद्वीपे भरतखण्डे भारतवर्षे पुण्य झारखंड

 क्षेत्रे, धनबाद ग्राम (गोत्र का नाम लें) गोत्रोत्पन्नोऽहं (अपना 

नाम लें) विक्रम संवत 2083 शक संवत 1948 संवत्सरे मासमों 

उत्तम मासे चैत्र मासे 

शुक्लपक्षे नवमी तिथौ शुक्र वासरे ,वसंत ऋतु , सूर्य उतरहन चंद्र 

दक्षिणायन वशिष्ट गोत्रः अशोक पाण्डेय शर्मा 

प्रातः सकलपापक्षयपूर्वकं सर्वारिष्ट शांतिनिमित्तं मनोकामना

 सिद्धि अर्थं महावीर ध्वजारोहण , हनुमान पूजन अहं करिष्ये।" 


फूल, चल, अक्षत और पैसा छोड़ दें

#jhanda #dhwajharohan #hanumanchalisha 

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