भगवान कहाँ है ?

 भगवान कौन है ? भगवान कहाँ है ? वो कहाँ निवास करते है ? 

क्या किसी ने देखा है ?

इन प्रश्नो का उत्तर आपको भगवान ही दे सकते है  

आईये देखते है भगवान् का क्या अर्थ है 




भ : भूमि (धरती)

ग : गगन (आकाश )

व : वायु ( हवा )

आ : अग्नि (आग )

न : नीर (पानी )


भ + ग + व + आ + न = भगवान 


भगवान् सृस्टि के कण कण विद्यमान है।  

यही बात हमारे शरीर के लिए भी सत्य है 


छिति जल पावक गगन समीरा। 

पंच रचित अति अधम सरीरा।। 

अर्थात पांच तत्वों से ये शरीर बना है 


भूमि (धरती) , गगन (आकाश ) , वायु ( हवा )

अग्नि (आग ) ,नीर (पानी )


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