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Current Affairs Part -1 2025, GK Question and Answer

 १ किस भारतीय क्रिकेट खिलाडी को ICC हॉल ऑफ़ फेम में शामिल किया गया है ? a महेंद्र सिंह धोनी  b  विराट कोहली  c रोहित शर्मा       d हार्दिक पंडिया  सही उत्तर : महेंद्र सिंह धोनी  २ भारतीय उर्वरक संघ का नया अध्यक्ष किसे नियुक्त गया है ? a मनोज सिन्हा            b अर्जुन सिंघानिया   c शैलेश सी मेहता       d तरुण सक्सेना  सही उत्तर : c शैलेश सी मेहता ३ दुनिआ का सबसे ऊँचा रेलवे आर्च ब्रिज कहाँ है ? a  चिनाब ब्रिज b पम्बन ब्रिज  c हावड़ा ब्रिज   d गाँधी सेतु  सही उत्तर : a  चिनाब ब्रिज (J&K) ४ मिस वर्ल्ड 2025 का ख़िताब किसने जीता ?   a   हासेट डेरेज़   b नंदनी गुप्ता   c ओपल सूचाता चुआंग्सरी d  मजा  क्लॉज्ड  सही उत्तर : c ओपल सूचाता चुआंग्सरी ५  34  डिजिटल न्यायालयों का उद्धघाटन कहाँ किया गया ? a  कोलकाता  b नई दिल्ली  c भोपाल        d रायपुर   सह...

इस जीवन का यही है, यही है, यही है रंग रूप

  ये जीवन है  इस जीवन का यही है, यही है, यही है रंग रूप (२) थोड़े ग़म हैं, थोड़ी खुशियाँ यही है, यही है, यही है छाँव धूप ये जीवन है ... (ये ना सोचो इसमें अपनी हार है कि जीत है ) - २ उसे अपना लो जो भी जीवन की रीत है ये ज़िद छोड़ो, यूँ ना तोड़ो हर पल एक दर्पण है ये जीवन है ... धन से ना दुनिया से घर से न द्वार से साँसों की डोर बंधी है प्रीतम के प्यार से दुनिया छूटे, पर ना टूटे ये कैसा बंधन है ये जीवन है इस जीवन का यही है, यही है, यही है रंग रूप थोड़े ग़म हैं थोड़ी खुशियाँ यही है, यही है, यही है छाँव धूप ये जीवन है

ऐतबार नहीं करना - Aitbaar Nahin Karna (Abhijeet, Qayamat)

  ऐतबार नहीं करना - Aitbaar Nahin Karna (Abhijeet, Qayamat) Movie/Album: क़यामत (2003) Music By: नदीम-श्रवण Lyrics By: समीर Performed By: अभिजीत ऐतबार नहीं करना, इन्तज़ार नहीं करना हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना इकरार नहीं करना, जाँ निसार नहीं करना हद से भी ज़्यादा तुम किसी से प्यार नहीं करना मंज़िलें बिछड़ गयीं, रास्ते भी खो गये आये फिर ना लौट के, जो दीवाने हो गये चाहतों की बेबसी, दूरियों के ग़म मिले बेक़रारियाँ मिलीं, चैन यार कम मिले बेक़रार नहीं करना, इन्तज़ार नहीं करना हद से भी ज़्यादा तुम... कोई तो वफ़ा करे, कोई तो जफ़ा करे किसको है पता यहाँ, कौन क्या ख़ता करे ऐसा ना हो इश्क़ में, कोई दिल को तोड़ दे बीच राह में सनम, तेरा साथ छोड़ दे इज़हार नहीं करना, इन्तज़ार नहीं करना हद से भी ज़्यादा तुम...

वीर. रामधारी सिंह ‘दिनकर

पढ़िए वीर रस की कवितl वीर  राष्ट्रकवि रामधारी सिंह ‘दिनकर’ की एक कविता  “वीर”  है, जो कुछ इस प्रकार है: सच है, विपत्ति जब आती है, कायर को ही दहलाती है, सूरमा नहीं विचलित होते, क्षण एक नहीं धीरज खोते, विघ्नों को गले लगाते हैं, काँटों में राह बनाते हैं। मुहँ से न कभी उफ़ कहते हैं, संकट का चरण न गहते हैं, जो आ पड़ता सब सहते हैं, उद्योग-निरत नित रहते हैं, शुलों का मूळ नसाते हैं, बढ़ खुद विपत्ति पर छाते हैं। है कौन विघ्न ऐसा जग में, टिक सके आदमी के मग में? ख़म ठोंक ठेलता है जब नर पर्वत के जाते पाव उखड़, मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है। गुन बड़े एक से एक प्रखर, हैं छिपे मानवों के भितर, मेंहदी में जैसी लाली हो, वर्तिका-बीच उजियाली हो, बत्ती जो नहीं जलाता है, रोशनी नहीं वह पाता है। -रामधारी सिंह ‘दिनकर’

Bhubaneswar-Puri-Konark Tourist

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  Day 1 Date              Action Plan                                                  Place 24 December    Post Lunch will go and return to home      Lingaraj Temple , Dhauligiri, Ram                                                                                                 Mandir Day 2 Date                       Action Plan                     ...

वरदराज की कहानी | Varadraj ki kahani

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  Real Motivational Story | वरदराज की कहानी | Varadraj ki kahani यह कहानी  वरदराज  नामक एक  छात्र  की हैं जो  पढ़ने  में बहुत कामजोर था, सब उसे मंदबुद्धि कहते थे। लेकिन उसकी ज़िंदगी में एक बहुत ही अनोखी बात हुई और वह बालक देखते ही देखते विद्वान बन गया। इतना ही नहीं उसने संस्कृत में कई ग्रंथो की रचना की और संसार में विद्वान वरदराज के नाम से विख्यात हुआ। वरदराज एक लड़का था उसका नाम था  वरदराज । वरदराज पढ़ने में बहुत कमजोर था। इस कारण सब लोग उसका मजाक उड़ाते थे, कोई मंदबुद्धि कहता तो कोई मुर्ख कहता था। उसके सभी सहपाठी जो उसके साथ पढ़ते  थे वे आगे की कक्षा में पहुँच गए लेकिन बालक वरदराज एक ही कक्षा में कई साल से पढ़ रहा था, उसे पढ़ाई लिखाई समझ में नहीं आती थी। उसकी बुद्धि कमजोर होने के कारण उसपर गुरुजी भी नाराज रहते थे। उस बालक को कोई भी पसंद नहीं करता था, वह आज जो भी पढ़ता उसे कल भूल जाता था।  अंत में उसे विद्यालय से यह कह कर निकाल दिया गया की वह पढ़ने लिखने में असमर्थ हैं।  यह सुनकर उसके पैरों के नीचे से जमीन खिसक गयी। उसके आँखों के सामने ...

अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस International labour day

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  अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस: इतिहास और महत्व" अंतरराष्ट्रीय श्रमिक दिवस, जो कि 1 मई को मनाया जाता है, श्रमिकों के हक की रक्षा और समृद्धि को समर्पित है। यह दिन 19वीं सदी के शुरुआत में अमेरिका में लोगों के अधिकारों के लिए लड़ाई के परिणामस्वरूप उत्पन्न हुआ। इस दिन को समर्पित किया गया था क्योंकि 1886 में चिकागो में श्रमिकों ने 8 घंटे के कामकाज की मांग की थी, जो बाद में लागू हो गई थी। इस दिन को समझाने का उद्देश्य है कि श्रमिकों का महत्व समझना और उन्हें सम्मान देना आवश्यक है, जिससे कि समाज में न्याय और समानता हो सके।